ISKCON Ahmedabad Gita Jayantiअहमदाबाद के रीजेंट होटल में इस्कॉन के समर्थकों एवं शुभचिंतकों के लिए दिसंबर महीने में आने वाले गीता-जयंती और पुस्तक-वितरण-मैराथन के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में शहर के करीब २०० विशेष व्यवसायियों द्वारा १२,५०० श्रीमद् भगवद-गीता यथारूप वितरण करने का संकल्प लिया गया ।
इसका आतिथेय रीजेंट होटल के मालिक श्री राजेश करिआ जोकि इस्कॉन अहमदाबाद के सदस्य भी हैं, के द्वारा किया गया था ।
इस अवसर पर “५० वर्षीय विरासत – श्रील प्रभुपाद को श्रद्धांजलि” नामक एक विशेष स्मारिका पुस्तक का विमोचन किया गया और इस्कॉन अहमदाबाद के अध्यक्ष एवं श्रील प्रभुपाद के शिष्य, श्रीमान यशोमतीनन्दन दास ने अतिथियों को व्याख्यान देते हुए बताया कैसे जब ६५ वर्ष की आयु में हम घर में सारी सेवाओं से निवृत्त होकर विश्राम करते हैं, तब उसी आयु में श्रील प्रभुपाद ने सम्पूर्ण मानव समाज की आध्यात्मिक उन्नति के लिए इस पृथ्वी का १४ बार परिभ्रमण किया । यह मानव इतिहास में सदैव स्मरण किया जायेगा ।
आज इस्कॉन विश्व में आध्यात्मिक साहित्य का सबसे बड़ा प्रकाशक एवं वितरक है, जिसने लगभग ५० करोड़ पुस्तकों को विश्व के विभिन्न लोगों तक पहुँचाया है । इनमे से श्रील प्रभुपाद द्वारा श्रीमद् भगवद-गीता यथारूप (Bhagavad-gita As It Is) कई लोगों के हृदय, मन एवं जीवन को बदलकर उन्हें आध्यात्मिकता के और निकट लायी है । अब कई लोग भगवान श्री कृष्ण की भक्ति करके अपना जीवन सफल बना रहे हैं ।
श्रीमान केशव मुरारी दास (इस्कॉन रोहिणी के अध्यक्ष) ने श्रीमद् भगवद-गीता के बारे में एक व्याख्यान प्रस्तुत किया जिसके उपरांत आये हुए अतिथियों के समक्ष गीता दान का प्रस्ताव रखा गया । मात्र दो घंटों के अंतराल में १२,५०० भगवद-गीता-यथारूप प्राप्त करने के आवेदन आ चुके थे । सभी अतिथियों का उत्साह बहुत ही प्रेरणादायक था ।ISKCON Ahmedabad Gita Jayanti1

 

प्रेषक: ISKCON Desire Tree – हिंदी
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