Kanpur Youth Festival

कानपूर में आयोजित “आभार उत्सव” में १०००० युवाओं के भाग लेने की सम्भावना 

९ अप्रैल २०१६ को भारत के सबसे बड़े राज्य, उत्तर प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों (कॉलेज) से लगभग १०,००० छात्र कानपूर में एक बहुत बड़े युवा कार्यक्रम “एक्सप्रेशन, द फेस्टिवल ऑफ़ ग्रैटिट्यूड” में सम्मिलित होने वाले हैं ।

जैसा कि नाम से स्पष्ट है, यह कार्यक्रम इस्कॉन की ५०वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में श्रील प्रभुपाद और सभी इस्कॉन के भक्तों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए मनाया जायेगा । इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को श्रील प्रभुपाद द्वारा समाज को दिए गए योगदान और इस्कॉन की वर्तमान गतिविधियों से अवगत कराया जायेगा ।

यह कार्यक्रम कानपूर के १,६०,००० वर्ग फ़ीट में विस्तृत इस्कॉन के सबसे बड़े मंदिरों में से एक अति-भव्य, श्री श्री राधा-माधव मंदिर के प्रांगण में मनाया जायेगा ।

उत्तर-प्रदेश के प्रमुख शहरों जैसे इलाहबाद, वाराणसी, लखनऊ और विशेषकर कानपूर के कृष्ण-भावनामृत से अपरिचित एवं नवीन छात्र इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं । अधिकतर छात्रों को उनके कॉलेजों में जाकर भक्तों द्वारा एक प्रस्तुतिकरण देकर आमंत्रित किया जा रहा है ।

इस कार्यक्रम के सह-आयोजक प्रिय-गोविन्द दास के अनुसार, यह आयोजन मंदिर के प्रांगण में करने का कारण यह है कि सभी युवा श्री श्री राधा-माधव जी एवं श्रील प्रभुपाद के श्री विग्रहों का दर्शन-लाभ ले सकें ।

इस कार्यक्रम के दौरान कई प्रदर्शनों एवं वार्ताओं द्वारा कृष्ण-भावनाभावित दर्शन एवं ज्ञान प्रस्तुत किया जायेगा ।

वाराणसी के आईआईटी बीएचयू से आये छात्र, श्रील प्रभुपाद द्वारा पाश्चात्य देशों में इस्कॉन की स्थापना पर संगीतमय नाटिका प्रस्तुत करके यह दिखाएंगे कि कैसे इस्कॉन के आश्रय में वहां के लोगों ने हानिकारक आदतों को छोड़कर अपने जीवन को सकारात्मक ढंग से परिवर्तित किया ।

आईआईटी खड़गपुर के छात्र भगवद-गीता यथारूप पर आधारित एक प्रतिबिंबित-नृत्य-नाटिका प्रस्तुत करेंगे । वहां पर श्रील प्रभुपाद और इस्कॉन द्वारा विश्व एवं समाज को योगदान को प्रदर्शित करने वाला एक वीडियो भी दिखाया जायेगा । अंतर्राष्ट्रीय रॉक बैंड, हरे कृष्ण महामंत्र को रॉक-संगीत के माध्यम से छात्रों में कीर्तन प्रस्तुत करेगा जिससे सभी इसमें सम्मिलित हो सके । क्षेत्रीय सचिव, श्रीमान देवकीनंदन दास “भारत के पश्चिमीकरण” के विषय में छात्रों को सम्बोधित करेंगे ।

प्रिय-गोविन्द दास कहते हैं, “भारत के युवा बड़ी आतुरता से पाश्चात्य सभ्यता की और आकर्षित होते हैं और उसे अपनाकर बहुत शीघ्र ही हताश भी हो जाते हैं । इसलिए हम कहते हैं कि पश्चिमीकरण की ओर मुड़ने की अपेक्षा क्यों न हम भगवद-गीता पर आधारित अपनी सभ्यता को ही स्वीकार करें, जो हमें वास्तविक संतोष एवं सुख प्रदान करेगा ।”

वहां पर विभिन्न आध्यात्मिक विषयों पर प्रतियोगिताएं भी होंगी जिसके उपरांत सभी के लिए कीर्तन और प्रसादम की व्यवस्था रहेगी ।

प्रस्थान के समय सभी युवाओं को श्रील प्रभुपाद की जीवनी पर आधारित एक पुस्तिका भेंट की जाएगी । सभी युवा एक प्रश्नमला भी भरेंगे जिसमें वे भविष्य में इस्कॉन कानपूर में होने वाले विभिन्न भगवद-गीता कोर्स और व्यक्तिगत-विकास (पर्सनालिटी डेवलपमेंट) कोर्स में भी अपना नामांकन करा सकते हैं ।

प्रिय-गोविन्द कहते हैं, “हमें आशा है कि मंदिर के अनुपम वातावरण का अनुभव एवं आध्यात्मिकता के सरल प्रस्तुतिकरण से सभी युवाओं को अपनी पढाई के साथ साथ हरे कृष्ण महामंत्र जपने और श्रील प्रभुपाद की पुस्तकों को पढ़ने की प्रेरणा मिलेगी ।”

वैसे “एक्सप्रेशन” अपनी तरह का पहला उत्सव है परन्तु कानपुर के भक्त इसे वार्षिक-उत्सव बनाना चाहते हैं जिसमें हर वर्ष अधिक से अधिक युवा भाग ले सकें ।

प्रेषक: ISKCON Desire Tree – हिंदी
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