Prasadam in Paris (1) Prasadam in Paris (2)  Prasadam in Paris (4) Prasadam in Paris (5) Prasadam in Paris (6)

 

 

 

पाश्चात्य इतिहासकारों द्वारा फ़्रांसिसी क्रांति को मानव सभ्यता की बहुत महत्वपूर्ण घटना माना जाता है । यह क्रांति डी’ ला रिपब्लिक नामक बहुत ही भव्य एवं अद्भुत स्थान से आरम्भ हुयी थी।

उसी महत्वपूर्ण स्थान से एक और आंदोलन की शुरुआत हरे कृष्ण भक्तो द्वारा की गयी और वह थी “५००० को महा-प्रसाद”

यह भावना के उत्थान का आंदोलन है, यह हरे-कृष्ण आंदोलन है । अमल पुराण “श्रीमद भागवतम्” में भटकी हुयी सभ्यता में क्रांति लाने के विषयों की चर्चा हुयी है ।
इसी क्रांति के अंतर्गत फ्रांस में ७,००० युवकों को कृष्ण प्रसाद के रूप में पूरी, सब्जी एवं पकौड़े परोसे गए और साथ ही साथ हरिनाम कीर्तन ने भी लोगो का मन मोह लिया ।
LordChaitanyadancing2भगवान श्री Prasadam in Paris (3)चैतन्य महाप्रभु का आंदोलन सभी के लिए है और यह साधारण मनुष्य को भी शुद्ध भक्ति प्रदान करने वाला आंदोलन है । यह क्रन्तिकारी आंदोलन सम्पूर्ण मानव सभ्यता को इस भौतिक जगत में किस प्रकार शांतिपूर्वक रहें और शुद्ध भगवद-प्राप्ति की सरल विधि से अवगत करा रहा है ।