Kurma_Rupa

परम पवित्र पुरुषोत्तम मास में, पद्मिनी एकादशी (२८ जून २०१५), प्रातः ८:४५ बजे, श्री धाम वृन्दावन की पावन भूमि पर गउओं, भक्तों एवं ब्रजवासियों द्वारा हरे कृष्ण कीर्तन के बीच श्रीमान कूर्म-रूप दास ने अपना देह-त्याग किया। उस समय उनके मुख में एवं माथे पर तुलसी और वक्ष-स्थल पर शालिग्राम शिला रखी हुयी थी ।

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कूर्म रूप प्रभु पावन श्री धाम वृन्दावन में कई वर्षों से रह रहे थे । वे “Care for Cows” नामक संस्था के संस्थापक के रूप में ब्रज में कई देशों के स्वयंसेवकों के साथ मिलकर वैदिक संस्कृति में वर्णित गौवंश को बचाने की शिक्षा एवं जागरूकता की ओर कार्य कर रहे थे । उनके संरक्षण में लगभग ५०० गायों, बैलों, आवारा सांडों एवं अनाथ बछड़ो की देखभाल की जा रही थी ।

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