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क्रोएशिया की राजधानी ज़ाग्रेब में पहली बार भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गयी ।

एक रंगीन फूलों से ढके हुए विशालकाय रथ पर अद्भुत जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा जी के विग्रहों को विराजमान करके यह यात्रा निकाली गयी । साथ में ३५० भक्तों का समूह भी चला । यह यात्रा यूरोपस्की चौराहे से आरम्भ होकर ज़ाग्रेब शहर के सबसे बड़े उद्यान में रुकी, जहाँ बड़ी मात्रा में पुस्तकों और प्रसाद का वितरण चल रहा था । इस उद्यान में एक बड़ा मंच बनाया गया था जहाँ पर विग्रहों को रथ से उतारकर विराजमान किया गया ताकि सभी सरलता से उनके दर्शन कर सकें ।

इस उत्सव में श्रील प्रभुपाद के छः वरिष्ठ शिष्य : प पु प्रह्लादानंद स्वामी, प पु भक्ति विकास स्वामी, प पु स्मित कृष्ण स्वामी, प पु क्रतु दास, अमृत केलि माताजी तथा मणिधर दास, उपस्थित थे । प पु प्रह्लादानंद स्वामी तथा प पु भक्ति विकास स्वामी ने ज़ाग्रेब वासियों को प्रेरणादायक वचन कहे । चेक रिपब्लिक के भक्तों ने उत्साहपूर्वक कीर्तन करके सबका मन मोह लिया ।

यह रथयात्रा भारतीय दूतावास और ज़ाग्रेब शहर की सहायता से संपन्न किया जा सका । क्रोएशिया में भारत के राजदूत, श्री संदीप कुमार ने अपने भाषण में इस उत्सव के प्रति हर्ष एवं कृतज्ञता व्यक्त की और सभी वक्ताओं ने यह इच्छा जताई की यह कार्यक्रम एक वार्षिक उत्सव घोषित कर दिया जाना चाहिए ।

अनुराधा दासी द्वारा ओडिशा का सांस्कृतिक नृत्य भी प्रस्तुत किया गया जो ज़ाग्रेब निवासियों ने बहुत सराहा । भक्तों ने श्रील प्रभुपाद की पुस्तकों का वितरण किया साथ ही साथ मिठाइयां भी बांटी । स्थानीय लोगों एवं पर्यटकों ने भी इस उत्सव के विषय में अपने सकारात्मक विचार साझा किये और इस प्रकार के अन्य कार्यक्रमों का स्वागत किया ।

क्रोएशिया के ही एक अन्य बड़े शहर रिजेक में गत १४ वर्षों से रथयात्रा निकाली जा रही है और अब इसी श्रृंखला में ज़ाग्रेब भी जुड़ गया है । इस्कॉन की स्थापना के ५०वीं वर्षगाँठ पर श्रील प्रभुपाद को यह अनुपम भेंट अर्पण की जा रही है ।

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