सूरत महानगरपालिका द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पुस्तक मेला २५ से २९ जनवरी के बीच आयोजित किया गया । सूरत के भक्तों ने इस पुस्तक मेले में भाग लिया तथा श्रील प्रभुपाद की पुस्तकों का भी एक स्टाल लगाया । विभिन्न धर्मों, सम्प्रदायों तथा पंथों से कई लोग इस पुस्तक मेले में आये । इस मेले की विशिष्टता यह रही कि भक्तों ने मात्र ५० घंटों में श्रील प्रभुपाद रचित, २२०० ग्रंथों, जिसमे भगवद-गीता, श्रीमद भागवतम तथा श्री चैतन्य-चरितामृत भी सम्मिलित हैं, सूरत वासियों में वितरित किया ।

श्रील प्रभुपाद की पुस्तकों के स्टाल पर कई जैन, मुस्लिम और दाउदी-वोहरा पंथ के लोगों ने श्रीमद-भगवदगीता के विषय में जानने की रूचि दिखाई तथा कई लोग भगवद-गीता अपने घर लेकर भी गए ।

पुस्तक-वितरण के साथ साथ भक्तगण मधुर संकीर्तन भी कर रहे थे तथा सभी आगंतुकों को हलवा भी दे रहे थे ।

पुस्तक वितरण के इस प्रयास के कर्ता-धर्ता श्रीमान राधेश दास ने एक कला-प्रदर्शनी भी निर्मित की थी जिसमे श्रील प्रभुपाद की शिक्षाओं तथा भगवद-गीता यथारूप के सार को दर्शाया गया था । इस प्रदर्शनी ने सबसे अधिक दर्शकों को आकर्षित किया ।